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विजय बघेल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पाटन में आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश से अवगत कराया

  रायपुर।भारतीय जनता पार्टी के सांसद व पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी विजय बघेल और भाजपा प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी अनुराग अग्रवा...

 



रायपुर।भारतीय जनता पार्टी के सांसद व पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी विजय बघेल और भाजपा प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने राजधानी में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भेंट कर पाटन विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश से अवगत कराया। दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव प्रचार पर रोक की नियत अवधि के बाद भी पाटन में मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल द्वारा रोड शो करके प्रचार करने को गंभीरता से लिया है।


भाजपा सांसद बघेल और मीडिया सह प्रभारी अग्रवाल ने मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे अपने पत्र में कहा है कि इस संबंध में 16 नवंबर को चुनाव आयोग को की गई शिकायत और 24 नवंबर को इस संबंध में दिए गए स्मरण पत्र के मद्देनजर की गई जाँच के बाद निर्वाचन कार्यालय ने 29 नवंबर को जानकारी देकर यह कहा गया कि जिला निर्वाचन अधिकारी, दुर्ग के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पाटन एवं उडनदस्ता दल प्रभारी व नायब तहसीलदार पाटन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं पंचनामा के आधार पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होना प्रतीत नहीं होता है। सीएम बघेल ने कहा कि 16 नवंबर, 2023 के आवेदन और 24 नवंबर, 2023 को दिए गए स्मरण पत्र के साथ संलग्न वीडियो एवं दो फोटो, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा दिनांक 16 नवंबर 2023 को रोड शो के दौरान लाउडस्पीकर और वाद्ययंत्र को लेकर कांग्रेस का झंडा एवं कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी का चिह्न लगा टी-शर्ट पहने दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में दुर्ग के अधिकारी द्वारा जाँच नहीं की गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे गए पत्र में मांग की गई है कि दिल्ली हाई कोर्ट के ताजा आदेश के परिप्रेक्ष्य में उक्त वीडियो व उसमें परिलक्षित व्यक्तियों की जिला प्रशासन से पृथक निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ और विशेष अधिकारी की टीम से जाँच का आदेश दिया जाए और आचार संहिता के उल्लंघन का अपराध दर्ज कराया जाए। सीएम बघेल ने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जाँच के लिए 48 घंटे का समय तय किया है। अगर उसके बाद भी न्याय नहीं मिलता तो हम फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।


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